मौसम, ऋतु और पँचतत्व
आओ मित्रों, आज हम समझेंगें यथा ब्रह्माण्डे तथा पिण्डे के अनुसार जब प्रकृति प्रदत्त मौसम / ऋतु चक्र और पँचतत्व में क्या समानता है,यह मौसम एक वर्ष की अवधि में अपने नियत समय पर परिवर्तित होता है और जब होता है, तब मन, मस्तिष्क और आचार, विचार , व्यवहार और अपने आसपास वातावरण में क्या परिवर्तन होता है। ऋतु वर्णन- पतझड़, सावन, बसंत, बहार एक बरस के मौसम चार… पर यहां मौसम छह… ऋतुएं प्राकृतिक अवस्थाओं के अनुसार वर्ष का छोटा कालखंड है जिसमें मौसम की दशाएं एक खास प्रकार की होती हैं। यह कालखण्ड एक वर्ष को कई भागों में विभाजित करता है जिनके दौरान पृथ्वी के सूर्य की परिक्रमा के परिणामस्वरूप दिन की अवधि, तापमान, वर्षा, आर्द्रता इत्यादि मौसमी दशाएं एक चक्रीय रूप में बदलती हैं। Gregorian calendar के मुताबिक चार ऋतुएं मानी जाती हैं- वसंत (Spring), ग्रीष्म (Summer), शरद (Autumn) और शिशिर (Winter)। लेकिन भारत में चार ऋतुओं का नहीं बल्कि छह ऋतुओं वर्णन किया गया है। प्राचीन काल में यहां छह ऋतुएं मानी जाती थीं- वसंत (Spring), ग्रीष्म (Summer), वर्षा (Rainy) शरद (A...
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